केंद्र सरकार के 14500 सरकारी स्कूलों को मॉडर्न बनाने के ऐलान पर सीएम केजरीवाल ने कसा केंद्र पर तंज

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April 12, 2026

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केंद्र सरकार के 14500 सरकारी स्कूलों को मॉडर्न बनाने के ऐलान पर सीएम केजरीवाल ने कसा केंद्र पर तंज

-कहा-देशभर में 10.50 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल तो सिर्फ 14500 स्कूलों को मार्डन बनाने से क्या होगा?

नई दिल्ली/- दिल्ली सरकार के शिक्षा के ऊपर किये कार्यों की चर्चा देश में ही नही देश से बाहर भी काफी चर्चित हो चुकी है। जिसे देखते हुए अब केंद्र सरकार भी इस मामले को भुनाने के लिए देशभर के 14500 सरकारी स्कूलों को मॉडर्न बनाने जा रही है। केंद्र सरकार के इस ऐलान पर दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि दतने से क्या होगा, देश भर में साढे दस लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल है और केंद्र सरकार एक साल में महज 14500 सरकारी स्कूलों को ही मॉडर्न बनायेगी तो सारे स्कूलों को आधुनिक बनाने में 70 से 80 साल लग जायेंगे। इसलिए प्रधानमंत्री से अपील है कि सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर योजना तैयार करें, ताकि अगले पांच साल में देश के सभी 10.50 लाख सरकारी स्कूलों को एक साथ मॉडर्न बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकें।
             वहीं, आम आदमी पार्टी बुधवार को इंडिया नंबर-वन कैंपेन लांच करेगी। इस मुहिम के तहत 130 करोड़ लोगों को साथ लेकर भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाने का संकल्प लिया जाएगा। इसकी शुरुआत आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने जन्म स्थान हरियाणा के हिसार से करेंगे।
            अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि देश के सभी लोग मिलकर भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाएंगे। केजरीवाल ने एलान किया है कि इस मुहिम से हर देशवासी को जोड़ने के लिए पूरे देश की यात्रा करेंगे। लोगों से मिलेंगे और लोगों को इस आंदोलन से जोड़ने की कोशिश करेंगे। बुधवार से इस अभियान की शुरुआत होगी।
            मिस्ड कॉल नंबर (9510001000) जारी कर केजरीवाल ने इस कैंपेन से जुड़ने की अपील देशवासियों से की। केजरीवाल ने कहा कि भारत को दुनिया का नंबर-वन देश बनाने के लिए सबसे पहले हमें अपने बच्चों को शानदार व फ्री शिक्षा देनी होगी और पूरे देश के स्कूलों को शानदार बनाना होगा। यह काम 75 साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अच्छी बात ये है कि अब यह शुरू हो गया है।
आजादी के साथ ही हमें सबसे पहले सरकारी स्कूल बनाने चाहिए थे
            नंबर वन बनने के लिए आवश्यक शर्त यह है कि शानदार और फर्स्ट क्लास की शिक्षा सभी को मिले। जैसे अमीरों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा मिलती है, वैसी ही शिक्षा इस देश के हर बच्चे को मिलनी चाहिए। 1947 में हम आजाद हुए। कई क्षेत्रों में तरक्की तो की, लेकिन एक बड़ी कमी यह रह गई कि सरकारी स्कूल ठीक नहीं हुए। पूरा देश आज शिक्षित होता और सारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिली होती। सबको मिलकर अगले पांच साल में देश के 10.50 लाख सरकारी स्कूलों को एक साथ ठीक करना है।

130 करोड़ लोग चाह लें तो नंबर-वन बनने से कोई नहीं रोक सकता
अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में कहा कि कुछ दिन पहले हमने एक कैंपेन मेक इंडिया नंबर-वन चालू किया था। देश के 130 करोड़ लोगों का सपना है कि भारत दुनिया का नंबर वन देश बने। लोगों का प्रश्न है कि हमें आजाद हुए 75 साल हो गए, फिर भी भारत पिछड़ा क्यों रह गया? इस दौरान कितने देश हमसे आगे निकल गए। आज जब दुनिया में कहा जाता है कि भारत एक गरीब और पिछड़ा देश है, तो बहुत तकलीफ होती है। पिछले 75 साल में इन्हीं नेताओं और इन्हीं पार्टियों की वजह से भारत पिछड़ा रह गया। अगर देश को इनके भरोसे छोड़ दिया, तो अगले 75 साल और भारत पिछड़ा ही रह जाएगा।

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