राजस्थान/सिमरन मोरया/- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुहाना फल और सब्जी मंडी में जैविक कचरे के प्रबंधन हेतु एक अत्याधुनिक बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना से मंडी में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले फल और सब्जी के जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर उसे कम्पोस्ट और बायो-सीएनजी में परिवर्तित किया जा सकेगा। इस संयंत्र की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) मॉडल के तहत की जाएगी। 27करोड़ रूपये की इस परियोजना की सम्पूर्ण लागत भारत सरकार के उपक्रम वैपकोस लिमिटेड द्वारा वहन की जाएगी।
यह संयंत्र प्रतिदिन 100टन जैविक कचरे को प्रोसेस कर 5टन कम्पोस्ट एवं बायो-सीएनजी उत्पन्न करेगा। संयंत्र की निर्माण अवधि 7माह निर्धारित की गई है और यह 10वर्षों तक वैपकोस लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसके बाद इसकी संपत्ति संबंधित मंडी समिति को हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस परियोजना के लिए भूमि एवं जैविक कचरा मंडी समिति द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से हरित ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ सालाना कचरा संग्रहण व परिवहन में खर्च हो रही लगभग 48लाख रूपये की राशि की बचत भी अनुमानित है।
पर्यावरण प्रदूषण पर भी अंकुश लगेगा
स्वच्छ भारत मिशन, ठोस कचरा प्रबंधन विनियम-2016 और जल शक्ति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई इस पहल से न केवल मंडी परिसर की स्वच्छता और हाइजीन में सुधार होगा, बल्कि खुले में कचरा डालने से उत्पन्न दुर्गंध, कीट-पतंगों और पर्यावरण प्रदूषण पर भी अंकुश लगेगा।


More Stories
शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 609 अंक उछला
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: दूसरे चरण में भारी मतदान, 3 बजे तक 79% वोटिंग
पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को लिखा पत्र
गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में भीषण आग, कई मंजिलों तक फैली लपटें; इलाके में मचा हड़कंप
गुरुग्राम में नवाचार और उद्यमशीलता का संगम, 200 प्रतिभागियों ने सीखे स्टार्टअप के गुर
उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले ही सप्ताह में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे