नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मूंबई/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- 22 अगस्त से शुरू हो रहे गणेशोत्सव में इस बार गणपति की स्थापना नही की जायेगी। 86 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब गणपति की स्थापना नही होगी और न ही विसर्जन होगा। इसबार कोरोना महामारी के चलते करीब तीन घंटे की मीटिंग के बाद कमेटी के 1200 सदस्यों ने लाल बाग के राजा की मूर्ति न स्थापित करने का फैसला लिया है साथ ही यह भी संदेश दिया है कि देश ही देव है।
यहां बता दें कि लाल बाग के राजा गणपति जी के महोत्सव को बड़े-बड़े नेता-अभिनेता से लेकर हर आम आदती बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाते है। जिसकारण हर बार गणेशोत्सव में भारी भीड़ जुटती है और यही कारण था जिसके चलते सदस्यों ने यह बड़ा फैसला कोरोना के डर चलते लिया है। मंडल के सचिव ने कहा कि 30 जून मंगलवार को जूम एप पर हुई मीटिंग में हमने फैसला लिया कि 22 अगस्त से शुरू हो रहे गणेशोत्सव में इस बार गणपति की स्थापना नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि पुलिस कर्मियों, श्रद्धालुओं व मनपा कर्मियों के स्वास्थ्य को महत्व देते हुए ये कठिन फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि हर साल गणेशोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं जिससे लोगों में कोरोना होने का खतरा बढ़ जाएगा। मुंबई में गणेश उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस उत्सव में गणेश विसर्जन करते करते सुबह से रात हो जाती है। इसलिए इसबार हम स्वास्थ्य उत्सव के रूप में गणेशोत्सव मनाऐंगे और सभी श्रद्धालु अपने घरों से ही गणेशोत्सव की पूजा उपासना करेंगे। लालबाग के राजा के 86 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब गणेशोत्सव पर कोई विपत्ति आई है। वैसे तो कोरोना महामारी पूरे विश्व में अपना कहर बरपा रही है लेकिन मुंबई में लालबाग से कुछ ही दूरी पर कोरोना का बड़ा कंटेंनमेंट सैंटर है जिसकारण कमेटी के सदस्यों ने सरकार की राय पर गौर कर यह फैसला लिया है।


More Stories
दिल्ली में करण औजला के संगीत कार्यक्रम के दौरान हंगामा
प्रेरणा के प्रतीक राम जग सिंह का देहांत, शोक की लहर
आरोपों से राहत के बाद जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन
महंगाई का तगड़ा झटका: एलपीजी और एटीएफ दोनों महंगे
होली 2026: सुख, शांति और समृद्धि के लिए इन सात स्थानों पर करें दीप प्रज्वलन
धुंआधार बल्लेबाज़ी से पाकिस्तान बाहर, पवन रत्नायक बने जीत के हीरो