नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी दिल्ली में हुए एक बड़े और सनसनीखेज लूटकांड का पर्दाफाश करते हुए सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने महज 12 दिनों के भीतर शानदार कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में बदमाशों ने एक युवक से बंदूक की नोक पर 23 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 15.95 लाख रुपये नकद, एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
कैसे हुई वारदात?
घटना 23 फरवरी 2026 की है, जब किशनगंज निवासी कुलदीप शर्मा, जो एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं, को उनके मालिक द्वारा लॉरेंस रोड, केशवपुरम से 23 लाख रुपये लाने का काम सौंपा गया था। रकम लेकर वह बाइक से अपने कार्यालय लौट रहे थे। शाम करीब 7:40 बजे जैसे ही वह शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे, तभी दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और पिस्तौल दिखाकर नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।
सीसीटीवी और खुफिया इनपुट से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। जांच के दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपियों की गतिविधियां सामने आईं। फुटेज में देखा गया कि आरोपी पहले से ही पीड़ित का पीछा कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात में कुल चार लोग शामिल थे, जिनमें से एक पहले ही अलग हो गया था।

राजस्थान से दिल्ली तक फैला नेटवर्क
जांच के दौरान एक संदिग्ध की पहचान राजस्थान निवासी कालाराम के रूप में हुई, जो फिलहाल फरार है। उसके मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई। सबसे पहले मोनू नाम के आरोपी को भलस्वा डेयरी इलाके से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से पिस्तौल, जिंदा कारतूस और 3.95 लाख रुपये बरामद हुए।
दो और आरोपी दबोचे, नकदी बरामद
पूछताछ में मोनू ने अपने साथियों संदीप और सागर के नाम उजागर किए। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी कर 19 मार्च को संदीप को मंगोलपुरी इलाके से गिरफ्तार किया, जिसके पास से 5 लाख रुपये बरामद हुए। वहीं उसकी निशानदेही पर सागर को भी पकड़ा गया और उसके पास से 7 लाख रुपये बरामद किए गए। इस तरह कुल 15.95 लाख रुपये की रिकवरी की गई।
पूरी योजना पहले से थी तैयार
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस लूट की साजिश पहले से रची गई थी। कालाराम ने नकदी की जानकारी दी थी, जबकि मोनू ने हथियार और बाइक का इंतजाम किया। इसके बाद संदीप और सागर को वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई। दोनों ने पीड़ित का पीछा कर सही मौके पर उसे निशाना बनाया और वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी हैं शातिर अपराधी
गिरफ्तार सभी आरोपी पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। इनमें हत्या, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों का रिकॉर्ड शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गए।
पुलिस की सतर्कता से बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं का अहम योगदान रहा। फिलहाल फरार आरोपी कालाराम की तलाश जारी है और बाकी रकम बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई राजधानी में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।


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