यूएनजीए में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, भारत ने बनाई दूरी

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यूएनजीए में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, भारत ने बनाई दूरी

-खिलाफ पड़े 141 वोट और समर्थन में केवल 5 वोट, 35 देशों ने नहीं लिया हिस्सा
-यूएनएससी के बाद यूएनजीए में भी भारत ने खुद को अलग रखा
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/यूएनओ/शिव कुमार यादव/- रूस द्वारा लगातार यूक्रेन पर हमले किये जा रहे है। जिसके तहत यूएनएससी के बाद अब यूएनजीए में भी रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव हो गया। इस प्रस्ताव में रूस के खिलाफ 141 वोट पड़े जबकि समर्थन में केवल 5 वोट पड़े। वहीं 35 देशों ने इसमें हिस्सा नही लिया। बता दें कि रूस के खिलाफ यूएनजीए में भी भारत ने निंदा प्रस्ताव से दूरी बनाये रखी और खुद को प्रस्ताव से अलग रखा।
          बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन के पक्ष में प्रस्ताव पास किया और इस प्रस्ताव में रूसी हमले की निंदा की गई है। 193 सदस्यीय महासभा ने यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करने के लिए मतदान किया और यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रस्ताव के महासभा में पारित होने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। प्रस्ताव में परमाणु बलों को मुस्तैद करने के रूस के फैसले की भी निंदा की गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा में बेलारूस की भागीदारी की भी निंदा की गई। प्रस्ताव में राजनीतिक वार्ता, मध्यस्थता और अन्य शांतिपूर्ण तरीकों से रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के तत्काल शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह किया गया है।  रूस के पक्ष में खुद रूस के अलावा बेलारूस, सीरिया, उत्तर कोरिया (डीपीआरके), इरिट्रिया ने मतदान किया। इससे पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी रूस के खिलाफ प्रस्ताव से दूरी बनाई थी. भारत ने न तो इसके पक्ष में वोट किया न ही इसका विरोध किया। उस समय भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद में कहा था कि यूक्रेन के हालिया घटनाक्रम से भारत बेहद परेशान है। भारत चाहता है कि हिंसा को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए।
                इससे पहले यूक्रेन को यूरोपियन यूनियन की सदस्यता देने के लिए मंगलवार को यूरोपीय संसद में वोटिंग की गई थी। इस दौरान यूक्रेन के पक्ष में 637 वोट पड़े थे, जबकि 13 वोट उसके विरोध में पड़े थे। वहीं, 26 प्रतिनिधि वोटिंग के दौरान गैरहाजिर रहे. इस तरह यूक्रेन की यूरोपियन यूनियन में एंट्री पर मुहर लग गई है। ये वोटिंग पूरी तरह से एकतरफा रही।
               यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने यूरोपियन यूनियन में यूक्रेन की सदस्यता के लिए आवेदन पर हस्ताक्षर किया। इसके बाद आवेदन को यूरोपियन यूनियन में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि लेग्लिस-कोस्टा को सौंप दिया गया. जेलेंस्की ने यूक्रेनी संसद के प्रमुख वेरखोव्ना राडा और प्रधानमंत्री दिमित्रो श्मीगल के साथ संयुक्त अनुरोध पर हस्ताक्षर किए. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, मैंने यूक्रेन के यूरोपियन यूनियन सदस्यता आवेदन पर हस्ताक्षर किए हैं. मुझे यकीन है कि हम इसे हासिल कर सकते हैं. सोमवार को जेलेंस्की ने यूरोपियन यूनियन को संबोधित भी किया था।

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