नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर में मंगलवार को मधुमक्खी पालन से जुड़ा एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत शहद निष्कासन की प्रक्रिया शुरू की गई। इस पहल के पहले चरण में करीब 60 किलोग्राम शुद्ध शहद प्राप्त किया गया। यह कदम राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3-बी गार्डन विकसित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के क्षेत्रों में 3-बी गार्डन विकसित किए जाएं। इन गार्डनों में मधुमक्खियों, तितलियों और पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होगा।

उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। यहां विभिन्न प्रकार के फूलों की भरपूर उपलब्धता है, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों से भरपूर शहद के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर
इस पहल से न केवल जैविक शहद उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के लोग मधुमक्खी पालन को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और अपनी आय में वृद्धि करें।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के दौरान उद्यान विभाग के अधिकारी दीपक पुरोहित और देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान के चेयरमैन अजय कुमार सैनी भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।


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