नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष लगातार और खतरनाक रूप लेता जा रहा है। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। मिसाइलों, ड्रोन हमलों और हवाई हमलों के बीच यह संघर्ष अब पंद्रहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों पर हमलों और सैन्य गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो यह संकट वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
लेबनान में इस्राइली हवाई हमले, कई लोगों की मौत
संघर्ष के बीच दक्षिणी लेबनान में इस्राइल की ओर से किए गए हवाई हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर सामने आई है। लेबनानी मीडिया के अनुसार तटीय इलाके तआमीर हरेट सैदा में हुए हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं। इससे पहले भी एक अन्य हमले में दो स्वास्थ्यकर्मियों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। लेबनान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है।
बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर पर मिसाइल हमला
इसी बीच इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर पर मिसाइल हमला किया गया। रिपोर्ट के अनुसार एक मिसाइल दूतावास के हेलिपैड क्षेत्र में आकर गिरी, जिसके बाद परिसर के ऊपर धुएं का गुबार देखा गया। हालांकि इस हमले में किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यह दूतावास दुनिया के सबसे बड़े अमेरिकी राजनयिक परिसरों में से एक माना जाता है और पहले भी कई बार रॉकेट तथा ड्रोन हमलों का निशाना बन चुका है।
ईरान का पलटवार, मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा
ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। ईरानी सेना के अधिकारियों के अनुसार ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत कई ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। ईरान ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने कई ड्रोन को मार गिराया है और देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है। वहीं इस्राइल ने भी कहा है कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए उसकी रक्षा प्रणाली लगातार काम कर रही है।
खाड़ी देशों में हाई अलर्ट, कई जगह सायरन
युद्ध के बढ़ते खतरे को देखते हुए कतर, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। कुवैत ने एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया है। वहीं कतर ने भी संभावित मिसाइल हमले को हवा में ही नष्ट करने की जानकारी दी है।
भारत की स्थिति पर नजर, कोच्चि से ईरानी क्रू वापस भेजे
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत भी हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार कोच्चि बंदरगाह पर खड़े ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस लवान के गैर-जरूरी क्रू सदस्यों को भारत से वापस उनके देश भेज दिया गया है। जहाज पर कुल 183 क्रू सदस्य थे, जिनमें से कई को तुर्की एयरलाइन की फ्लाइट से वापस भेजा गया। भारतीय नौसेना भी होर्मुज क्षेत्र में अपने जहाजों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को लेकर भी नई चिंताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई शर्तों पर विचार शुरू किया है। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित हो सकता है।


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