नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- द्वारका जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल स्टाफ की टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी योगेश टिल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2020 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद से फरार चल रहा था और कई मामलों में अदालत द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था।
हत्या और गैंगवार से जुड़े कई मामलों में शामिल
पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। वह कुख्यात अपराधी कृष्ण पहलवान के गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में पता चला है कि वह वर्ष 2018 में हुए चर्चित कालू बंजारा हत्याकांड में भी शामिल था। इसके अलावा 2016 में कृष्ण पहलवान के फार्महाउस पर तैनात दो निजी सुरक्षा कर्मियों पर गोली चलाने की घटना में भी उसका नाम सामने आया था।
50 हजार रुपये का इनाम घोषित था
कालू बंजारा हत्या मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान पैरोल मिलने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया।
गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा गया
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के निर्देश पर स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार ऐसे अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी जो कानून से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के पास किसी से मिलने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डिचाऊं डिपो के पास घेराबंदी की और मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में मिला देसी पिस्तौल और कारतूस
गिरफ्तारी के दौरान जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस बरामदगी के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पूछताछ में सामने आई आपराधिक पृष्ठभूमि
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2009 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। शुरुआत में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुछ गैंगस्टरों से हुई और वहीं से वह संगठित अपराध से जुड़ गया। इसके बाद उसने कई गंभीर वारदातों में हिस्सा लिया, जिनमें हत्या, लूट और पुलिस पर हमला जैसे मामले शामिल हैं।
मुंबई में छिपकर रह रहा था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि फरार होने के बाद आरोपी मुंबई में छिपकर रह रहा था और अपनी पहचान छिपाकर एक होटल में काम कर रहा था। वह किसी भी मोबाइल नंबर का स्थायी रूप से इस्तेमाल नहीं करता था और अक्सर राहगीरों के फोन से अपने परिचितों से संपर्क करता था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके।
पुलिस को कई मामलों में थी तलाश
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या, डकैती, पुलिस पर हमला और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। अदालत ने उसे चार मामलों में घोषित अपराधी भी घोषित किया हुआ था।


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