गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध मौत से सनसनी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-ऑनलाइन गेमिंग लत की एंगल से जांच में जुटी पुलिस -भारत सिटी सोसायटी में एक ही परिवार की तीन बेटियों की मौत

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    गाजियाबाद के टीलामोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार देर रात एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में मातम का माहौल है और परिवार गहरे सदमे में है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

ऑनलाइन गतिविधियों और मानसिक स्थिति की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें पिछले कुछ समय से ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल गतिविधियों में अत्यधिक समय बिता रही थीं। कोरोना काल के बाद से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई थी और वे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन ऐप्स या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी थीं और कहीं किसी तरह का मानसिक दबाव या भ्रामक प्रभाव तो नहीं था।

कमरे से मिला भावुक नोट
पुलिस को उनके कमरे से एक हस्तलिखित नोट भी मिला है, जिसमें माता-पिता से माफी मांगते हुए भावुक बातें लिखी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोट की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी विशेष ऐप या गेम का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है।

परिवार और प्रशासन सदमे में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों के पिता ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं और परिवार पिछले तीन वर्षों से सोसायटी में रह रहा था। घटना के बाद से परिवार और आसपास के लोग गहरे आघात में हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बच्चों की मानसिक सेहत, डिजिटल गतिविधियों और व्यवहार में बदलाव पर अभिभावक विशेष ध्यान दें।

विशेषज्ञों की सलाह
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि किशोरावस्था में डिजिटल लत, सामाजिक अलगाव और भावनात्मक दबाव गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में परिवारों को संवाद, निगरानी और सहयोग का माहौल बनाना बेहद जरूरी है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox