केजरीवाल सरकार ने फिर बढ़ाया एक हफ्ते का लॉकडाउन, अब 7 जून तक रहेंगी पाबंदियां

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 11, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

केजरीवाल सरकार ने फिर बढ़ाया एक हफ्ते का लॉकडाउन, अब 7 जून तक रहेंगी पाबंदियां

-कहा, निर्माण और निर्माण उद्योग को छोड़ सभी बंदिशें पहले की तरह ही रहेंगी लागू -केजरीवाल ने कहा वह दिल्ली को अनलाॅक करना चाहते थे लेकिन उपराज्यपाल ने मना कर दिया

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लाॅकडाउन पर भी राजनीति करने से नही चूक रहे है। उन्होने दिल्ली में एक सप्ताह का लाॅकडाउन बढ़ाते हुए कहा कि वह तो दिल्ली को अनलाॅक करना चाहते थे लेकिन उपराज्यपाल ने मना कर दिया जिसकारण अनलाॅक 7 दिन के लिए बढ़ाना पड़ा। हालांकि विशेषज्ञों ने दिल्ली में तीसरी लहर आने की संभावना के संकेत दे दिये है फिर भी मुख्यमंत्री राजनीति ही करते दिखाई दे रहे है। बहरहाल दिल्ली सरकार ने एक हफ्ते का लॉकडाउन और बढ़ा दिया है। अब 7 जून की सुबह 5.00 बजे तक पाबंदियां लागू रहेंगी। हालांकि, इस लॉकडाउन में निर्माण और निर्माण उद्योग को संचालित करने की अनुमति है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने दी इसकी जानकारी दी है।
                      मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए पाबंदियों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली सरकार ने इस बार दो उद्योगों- मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) और कंस्ट्रक्शन (निर्माण कार्य) को छूट दी है। कोविड-19 के उपायों का सख्ती से पालन करते हुए काम करने की अनुमति दी गई है। इससे पहले दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि अब धीरे-धीरे दिल्ली अनलॉक होगी। दिल्ली में कोरोना के केस लगातार कम हो रहे हैं। दिल्ली के लोगों ने एक महीने में कोरोना की इस लहर पर भी काबू पा लिया है। पिछले 24 घंटे में 1.5 प्रतिशत संक्रमण दर और करीब 1100 केस आए हैं। धीरे-धीरे रोज केस कम हो रहे हैं। अस्पतालों में बेड मिलने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। आईसीयू और ऑक्सीजन बेड भी काफी संख्या में खाली पड़े हैं।
                     केजरीवाल ने कहा था कि ऑक्सीजन की किल्लत के वक्त हमने जो कोविड सेंटर बनाए थे अब उनमें भी बड़ी संख्या में बेड खाली हैं। अब ये समय है कि दिल्ली में धीरे-धीरे अनलॉक हो। वरना कहीं ऐसा न हो कि लोग कोरोना से तो बच जाएं लेकिन भुखमरी से मर जाएं। हमें बैलेंस बना कर चलना है कि कोरोना भी न बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को भी चलाने की कोशिश करनी हैं।
                     दिल्ली सरकार के अनलॉक-1 की नीति को लेकर व्यापारियों में बेहद ही रोष है। व्यापारिक संगठनों ने ढीली-ढाली नीति बताया है। कहा है कि इस लचर नीति से ना तो लघु उद्योग को ही फायदा होगा और ना ही आर्थिक स्थितियों में सुधार होगा। इस निर्णय बेहद तर्कहीन और औचित्यहीन बताया है। भारत का खुदरा बाजार देश की वितरण व्यवस्था की रीढ है। कोविड की स्थिति सुधरने तक दिल्ली को चरणबद्ध तरीके से खोला जाना चाहिए। व्यापारिक संगठनों ने फैक्ट्रियों को खोले जाने का स्वागत किया है। साथ ही पूछा है कि फैक्ट्री चलेंगी कैसे, मल बिकेगा कहा।

व्यापारियों ने सरकार से पूछे कई सवाल
सरकार की अनलॉक-1 की नीति पर व्यापारिक संगठनों ने कई सवाल भी किए है। कहा है कि हमेशा दिल्ली की जनता से राय लेकर फैसला करने का दावा करने वाली सरकार की औद्योगिक नीति की कलई खुल गई है। पूछा है कि क्या निर्णय लेने से पहले सरकार ने इस बात को ध्यान रखा की बिना मार्केट खुले फैक्ट्रियों को कच्चे माल की आपूर्ति कहा से होगी? उत्पादन शुरू होने के बाद निर्मित सामान बिकने के लिए किस बंद मार्केट में जाएगा ? फैक्टरियों के लिए स्पेयर पार्ट्स कहां से आएंगे? बड़ी संख्या में दुकानदारों का माल पिछले 40 दिनों से ट्रांसपोर्ट पर पड़ा हुआ है और वो खराब हो रहा है, इसकी जिम्मेवारी किसकी होगी? दुकानों में रखा हुआ माल देखभाल के अभाव मे खराब हो रहा है, बारिश में अनेक दुकानों में पानी से नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई कौन करेगा? पेमेंट का लेनदेन, बैंकों व अन्य लोन की किश्त समेत कई सवाल सरकार से किए है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox