मानसी शर्मा / – दिल्ली देहात के कई गांवों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के विरोध में स्थानीय किसान अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनका कोई नहीं सुन रहा है। प्रशासन से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ भी होता नहीं दिख रहा है। किसान करीब एक महीने से पावर ग्रिड कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का एक ही मांग है, जमीन के बदले उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि जिलाधिकारी के पास इस मामले में अपील लगाए हुए तकरीबन 50 दिन हो गए हैं, फिर भी किसानों का पक्ष ठीक से सुना नहीं गया।
किसानों की लड़ाई लड़ रहे दिल्ली किसान अधिकार मंच के संयोजक सतेंद्र लोहचब ने बताया कि पावर ग्रिड कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड की ओर से पहले फेज में दिल्ली देहात के 19 गांवों में एचटी लाइन का काम किया जाना है। कई गांवों में तो किसानों के बिना इजाजत ही एचटी टावर लगाने के लिए किसानों की जमीन पर कई गड्ढे खोद दिए। उन्होंने दो-टूक कहा कि मुआवजे को लेकर कोई बात नहीं बनी तो जल्द ही हम इस मसले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रहे हैं। हम किसानों को जमीन के बदले मुआवजे का प्रविधान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इलाके के जनप्रतिनिधियों ने भी दिल्ली के – मुख्यमंत्री से मिलवाने की बत तो कही, लेकिन अभी तक हम इंतजार ही कर रहे हैं। आश्वासन देने के बाद कोई भी समस्या के समधान तक नहीं पहुंचा।


More Stories
बड़ा कदम: NGRMP परियोजना के लिए ₹9 करोड़ की स्वीकृति
देहरादून में क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज़, मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ
गंगा में डूब रहे बुजुर्ग को जल पुलिस ने बचाया, समय रहते किया सफल रेस्क्यू
मुख्यमंत्री आवास में शहद उत्पादन की पहल, पहले चरण में 60 किलो शहद निकाला गया
गैस आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क: मुख्यमंत्री धामी ने किया जमीनी निरीक्षण
₹787 करोड़ के ग्रामीण बजट पर जताया आभार