मानसी शर्मा/- उत्तर प्रदेश सरकार ने कल शनिवार को निराश्रित गायों की देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत एक बड़ा फैसला लिया है। अब मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत प्रत्येक गाय के लिए दैनिक भरण-पोषण भत्ता 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया। यूपी सरकार के इस फैसले से गौवंश के कल्याण के लिए एक जरूरी कदम माना जा रहा है। इसके अलावा निराश्रित गायों को गोद लेने वाले लोगों की आजीविका में भी सुधार होगा। यूपी सरकार का ये फैसला पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता की बैठक में लिया गया है।
गौवंश के कल्याण के लिए रूपरेखा तैयार पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता की बैठक में गौ संरक्षण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण के लिए एक मैप तेयार किया है। इसमें दूध उत्पादन बढ़ाने और गाय के गोबर और मूत्र के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। युवा पीढ़ी को जागरूक करनी की नई पहल गौवंश के कल्याण के साथ यूपी सरकार ने ये भी बताया है कि युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए उनके स्कूली पाठ्यक्रम में गाय और मवेशी पालन को शामिल करने का विचार कर रहे है।
यूपी सरकार का मानना है कि गायों और दूध के महत्व को समझाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में गाय और पशुपालन से जुड़े अध्याय होने जरूरी हैं। अब तक 1.62 लाख से अधिक गायों को मिला घर बता दें, राज्य सरकार की इस योजना के तहत अब तक 1,62,625 निराश्रित गायों को गोद लिया जा चुका हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत हर एक परिवार कम-से-कम चार गायों को गोद ले सकता है। गायों के भरण-पोषण के लिए 30 रुपये भत्ते के तौर पर दिए जा रहे थे। लेकिन अब इससे बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया।


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