नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र स्थित कौशिक विहार कॉलोनी में हुए सामूहिक हत्याकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले की भयावहता और गंभीरता और स्पष्ट हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, संग्रह अमीन पद पर तैनात अशोक राठी ने अपनी मां, पत्नी और दोनों नाबालिग बेटों की हत्या करने के बाद स्वयं भी जान दे दी। जांच में सामने आया है कि परिवार के चारों सदस्यों को अलग-अलग स्थानों पर कई गोलियां मारी गई थीं, जबकि बाद में अशोक ने खुद पर भी फायर किया। पुलिस और चिकित्सकों की टीम ने देर रात तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की, जिसमें काफी समय लगा।

सोमवार रात को हुई इस घटना में घर के एक कमरे से पांच लोगों के शव बरामद हुए थे। पुलिस जांच में संकेत मिले हैं कि घटना के समय घर के बाहर से कोई दखल नहीं था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि अशोक राठी लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले किसी नशीले पदार्थ का इस्तेमाल किया गया हो, जिसकी पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित कर लैब भेजा गया है।

पोस्टमार्टम में हुए अहम खुलासे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मृतकों को गंभीर रूप से घायल किया गया था और सभी को जानलेवा चोटें आई थीं। चिकित्सकों के अनुसार, गोलियों के कारण आंतरिक अंगों को गहरा नुकसान पहुंचा। तकनीकी कारणों से पोस्टमार्टम प्रक्रिया लंबी चली। पुलिस को मौके से हथियार और कारतूस भी बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
गांव में पसरा मातम, एक साथ उठीं चिताएं
घटना की खबर फैलते ही मृतक के पैतृक गांव खारीबांस में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात जब शव गांव पहुंचे तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। एक ही परिवार के पांच सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल है।

प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते मानसिक तनाव की पहचान और उपचार ऐसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।


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