भारतीय कुश्ती संघ के साथ हो गया खेला, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने की सदस्यता रद्द

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 13, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारतीय कुश्ती संघ के साथ हो गया खेला, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने की सदस्यता रद्द

-विश्व चैंपियनशिप में तिरंगे के साथ नहीं खेल पायेंगे भारतीय पहलवान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव बार-बार स्थगित होने और समय पर चुनावी प्रक्रिया पूरी न कर पाने के चलते विश्व कुश्ती संघ ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द कर दी है। कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द होने के चलते आगामी विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान भारत के झंडे के तले नहीं खेलेंगे। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के भारतीय कुश्ती संघ से इस्तीफें के बाद से भारतीय कुश्ती संघ के साथ खेला हो गया है। भारतीय पहलवानों को 16 सितंबर से शुरू होने वाली ओलंपिक-क्वालीफाइंग विश्व चैंपियनशिप में ’तटस्थ एथलीटों’ के रूप में भाग लेना होगा।

बता दें कि भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का कार्यकाल काफी पहले ही खत्म हो चुका है। इसके बाद कुश्ती संघ में चुनाव कराने के कई प्रयास किए गए और सुप्रीम कोर्ट ने कई बार चुनाव की तारीखें तय की, लेकिन अलग-अलग हाईकोर्ट अलग-अलग राज्य के कुश्ती संघों की याचिका के आधार पर चुनाव में रोक लगाते रहे हैं। इसी वजह से अब तक कुश्ती संघ के चुनाव नहीं हो पाए हैं। भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव कई बार स्थगित हो चुके हैं। कई राज्यों के कुश्ती संघ चुनाव की मौजूदा प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं और उनकी याचिका पर कई बार कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक लग चुकी है। इसी वजह से विश्व कुश्ती संघ ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द कर दी है।

क्या है मामला?
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का कार्यकाल काफी पहले खत्म हो चुका है। हालांकि, पहलवानों के प्रदर्शन के चलते कार्यकाल खत्म होने से पहले ही उन्हें कुश्ती संघ के कामकाज से अलग कर दिया गया था। इसके बाद तदर्थ समिति बनाई गई, जिसके ऊपर चुनाव का आयोजन कराने की जिम्मेदारी थी। समिति ने चुनाव कराने की लिए कई तारीखें तय की और अलग-अलग पदों के लिए उम्मीदवारों ने आवेदन भी कर दिए, लेकिन पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट और फिर चंडीगड़ हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने पहले ही साफ किया था कि अगर समय पर चुनाव नहीं होते हैं तो भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द की जा सकती है। अब तक चुनाव नहीं होने पर कुश्ती की वैश्विक संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी है।
                भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव जून 2023 में होने थे, लेकिन पहले पहलवानों के प्रदर्शन और फिर अलग-अलग राज्य के कुश्ती संघों की याचिका के चलते अलग-अलग हाईकोर्ट चुनाव पर रोक लगाते रहे हैं और चुनाव में देरी होती गई। भारतीय कुश्ती संघ में 15 पदों के लिए चुनाव 12 अगस्त को होने वाले थे। उत्तर प्रदेश से भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह सहित चार उम्मीदवारों ने इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। चंडीगढ़ कुश्ती संस्था के दर्शन लाल को महासचिव पद के लिए नामांकित किया गया था, जबकि उत्तराखंड के एसपी देसवाल को बृज भूषण शिविर से कोषाध्यक्ष के लिए नामांकित किया गया था। चुनाव में महाराष्ट्र और त्रिपुरा में चुनावों में कोई प्रतिनिधि नहीं होगा, क्योंकि रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों गुटों के दावों को “अयोग्य“ माना।
             भारतीय कुश्ती संघ को इससे पहले जनवरी में और फिर मई में निलंबित कर दिया गया था। इस समय भारत के शीर्ष पहलवानों ने तत्कालीन अध्यक्ष बृज भूषण पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही पहलवानों ने कुश्ती संघ की कार्यप्रणाली का विरोध किया था। भारतीय कुश्ती संघ के दैनिक मामलों का प्रबंधन वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा गठित भूपेंदर सिंह बाजवा की अध्यक्षता वाली तदर्थ समिति द्वारा किया जा रहा है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox