नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- सिद्धू के ट्विट के बाद पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर बवाल मच गया हैं। कुछ समय पहले ही जो कांग्रेस पंजाब में नवजोत सिद्धू व कैप्टन अमरिंदर सिंह के विवाद में सुलह का दावा कर रही थी। उसी दावे की सिद्धू के ट्विट के बाद अब हवा निकल गई है। सिद्धू पंजाब मे ंएक तीर से दो निशाने साधने की जुगत में है। जिसे देखते हुए यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि पंजाब कांग्रेस में जल्द बड़ा धमाका हो सकता है। एक महिने बाद भी पंजाब कांग्रेस की कलह अनसुलझी ही दिखाई दे रही है। वहीं अब सिद्धू को लेकर पंजाब की राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कुछ लोग तो सिद्धू को लेकर कयास भी लगाने लगे है जबकि कुछ का कहना है कि यह आलाकमान पर सिर्फ दबाव की रणनीति है। लेकिन इतना जरूर है कि अब कांग्रेस को सिद्धू से पार पाना ही होगा वर्ना यह कलह अगर और खिंची तो कांग्रेस को कही का नही छोड़ेगी।
पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह का कारण बने नवजोत सिद्धू ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी की शान में खूब कसीदे पढ़े। सिद्धू ने कहा कि मेरे विजन और पंजाब के लिए काम को आम आदमी पार्टी ने हमेशा पहचाना है। फिर चाहे वह 2017 से पहले की बात हो, ड्रग्स, किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार हो या बिजली संकट का सामना। सिद्धू ने कहा कि आज जब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूं तो यह स्पष्ट है कि वे जानते हैं कि वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है। इसके बाद सिद्धू ने एक और ट्वीट कर कहा कि अगर विपक्ष मुझसे सवाल पूछने की हिम्मत करता है तो वह भी मेरे जन समर्थक एजेंडे से नहीं बच सकता। उन्होंने आगे लिखा कि अब विपक्ष उनके और उनके जैसे बाकी वफादार कांग्रेसियों के बारे में गा रहा है-तुम अगर आप में आओगे तो कोई बात नहीं, तुम अगर कांग्रेस में रहोगे तो मुश्किल होगी। नवजोत सिद्धू के इस ट्वीट के बाद उनके आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में इसे सिद्धू बनाम कैप्टन की लड़ाई में दबाव की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि कुछ दिन पहले ही सिद्धू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा था। सिद्धू ने ट्वीट किया कि प्रदेश को दिल्ली मॉडल की नहीं, बल्कि पंजाब मॉडल की जरूरत है। सिद्धू ने लिखा कि दिल्ली मॉडल नहीं, दिल्ली अपनी बिजली खुद पैदा नहीं करती और इसका वितरण रिलायंस व टाटा के हाथों में है। जबकि पंजाब अपनी 25 प्रतिशत बिजली खुद पैदा करता है और बिजली पूर्ति पावरकॉम के जरिये करके हजारों लोगों को रोजगार भी देता है। लेकिन अब अचानक सिद्धू द्वारा आम आदमी पार्टी की नीतियों की सराहना करना एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। दरअसल सिद्धू को अब लगने लगा है कि जब तक कैप्टन अमरेन्द्र सिंह है तब तक वह पंजाब के मुख्यमंत्री नही बन सकते और आम आदमी पार्टी के पास पंजाब में कोई ऐसा चेहरा नही है जो मुख्यमंत्री बन सके जिसे देखते हुए ही राजनीतिक विशेषज्ञ कयास लगा रहे है कि सिद्धू एक तीर से दो निशाने साधने की जुगत में लगे है लेकिन कभी-कभी दो नावों पर सवार होने वाला डूब भी जाता है।


More Stories
चांदनी चौक में शॉपिंग के दौरान वारदात, पुलिस ने दिखाई तत्परता
सीसीटीवी और स्थानीय सूचना से मिला सुराग, आरोपी गिरफ्तार
चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
बहादुरगढ़ में सांसद मनोज तिवारी का भव्य स्वागत, डूसू अध्यक्ष आर्यन मान को दी शुभकामनाएं
‘बी.आर.जी. जो जीता वही सिकंदर 2026’ का ताज पहनने वाला अगला सिकंदर कौन बनेगा?
एटा में दिल दहला देने वाली वारदात: 90 मिनट में एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या