मानसी शर्मा/- डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार 21फरवरी को को अमेरिका में राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है। अमेरिकी की कमान संभालते हुए ट्रंप ने कई बड़े फैसले भी लिए है। लेकिन ट्रंप के एक फैसले ने गर्भवती महिलाओं को चिंता में डाल दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म के आधार पर नागरिकता को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। जिसकी वजह से अब अस्पतालों में ऐसी महिलाएं दस्तक दे रही हैं, जो समय से पहले ही यानी 20फरवरी से पहले अपनी डिलीवरी कराना चाहती हैं।बता दें, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (बर्थ राइट सिटीजनशिप) को खत्म करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश में विदेशी पासपोर्ट धारकों के बच्चों को अब अमेरिकी नागरिक नहीं माना जाएगा। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो देश में कानूनी रूप से रह रहे हैं। जैसे टूरिस्ट, स्टूडेंट और वर्क वीजा पर रहने वाले लोग।
क्या है जन्मसिद्ध नागरिकता?
जन्मसिद्ध नागरिकता वह कानूनी सिद्धांत है, जिसके अनुसार बच्चे उस देश की नागरिकता प्राप्त करते हैं जिसमें उनका जन्म हुआ है। भले ही उनके माता-पिता की राष्ट्रीयता या इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। अमेरिकी संविधान में 14वां संशोधन को लंबे समय से अमेरिकी धरती पर पैदा हुए लगभग सभी बच्चों को नागरिकता देने के रूप में पढ़ा जाता रहा है।बता दें, इसे 1868में गृह युद्ध के बाद अपनाया गया था ताकि पूर्व में गुलाम बनाए गए लोगों की स्थिति को स्पष्ट किया जा सके। इसमें कहा गया है ‘संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे या प्राकृतिक रूप से बसे सभी व्यक्ति, संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिक हैं।’
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 20फरवरी के बाद ऐसे पैरेंट्स के बच्चों को अपने आप नागरिकता नहीं मिलेगी, जो अमेरिका के नागरिक नहीं हैं या ग्रीन कार्ड धारक नहीं हैं।
मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए न्यू जर्सी के डॉक्टर डी रामा बताते हैं कि उनके पास ऐसी महिलाएं आ रही है, जो समय से पहले डिलीवरी कराना चाहती हैं। इनमें से अधिकांश भारतीय महिलाएं हैं, जो अपनी प्रेग्नेंसी के 8वें या 9वें महीने में हैं। ये सभी 20फरवरी से पहले सी-सेक्शन कराना चाहती हैं।
ट्रंप के खिलाफ दायर हुआ मुकदमा
अमेरिका के 22प्रांतों के अटॉर्नी जनरल ने ट्रंप के उस शासकीय आदेश के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दायर किया जिसके तहत देश में जन्म लेने पर किसी भी व्यक्ति को स्वतः नागरिकता मिल जाने के सौ साल पुराने आव्रजन नियम को खत्म करने के लिए कदम उठाया गया है।
इस नियम के तहत यदि किसी व्यक्ति का जन्म अमेरिका में हुआ है तो जन्म के आधार पर उसे अमेरिकी नागरिकता मिल जाती थी। भले ही उनके माता-पिता किसी और देश के हों।


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