नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/रायपुऱ/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- छत्तीसगढ़ में शुरू हुई कांग्रेस की रार बृहस्पत के माफी मांगने व गृह मंत्री-मुख्यमंत्री का वक्तव्य आने के बाद खत्म हो गई है। हालांकि विधानसभा के मानसून सत्र के आज तीसरे दिन भी स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव एवं कांग्रेस विधायक वृहस्पत सिंह प्रकरण की गूंज रही। जब सिंहदेव ने सदन में आकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तब कहीं जाकर दो दिनों से चला आ रहा शोरगुल थमा। कांग्रेस विधायक वृहस्पत सिंह के व्दारा खेद व्यक्त करने एवं मुख्यमंत्री व गृह मंत्री के वक्तव्य आने के बाद ही सिंहदेव की नाराजगी दूर हुई।
इसके पहले कि प्रश्नकाल शुरु हो पाता वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मंत्री ने ही अपनी सरकार पर अविश्वास व्यक्त कर दिया है। संविधान की धारा 164 पर गौर करें तो वर्तमान में इस मंत्री मंडल का वजूद ही नहीं है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे बोलने के लिए खड़े हुए तो भाजपा विधायकगण शोर मचाते हुए मांग करने लगे कि पहले मंत्री टी.एस. सिंहदेव को यहां बुलाकर स्थिति स्पष्ट करें। जवाब में सत्ता पक्ष के विधायकगण भी शोर मचाने लगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरे इस सदन में सौहार्द्रता बनी रहे। बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी बात को दोहराया कि विधानसभा संविधान के हिसाब से चलती है। मंत्री का इस तरह अपनी ही सरकार के प्रति अविश्वास जताकर सदन से उठकर चले जाना विशेषाधिकार भंग का मामला बनता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि लालकृष्ण अडवानी जी भी इसी तरह संसद से उठकर चले गए थे। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अडवानी जी ने इस्तीफा दिया था। वे यह कहते हुए गए थे कि जब तक आरोपों से बरी नहीं हो जाता सदन में नहीं आउंगा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि विपक्ष की ओर से यहां बेमतलब की बातें की जा रही हैं। यह सुनकर भाजपा विधायकगण शोर मचाने लगे। अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरु होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने जैसे ही कांग्रेस सदस्य डॉ. विनय जायसवाल का नाम पुकारा भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि जब यहां मंत्री मंडल का अस्तित्व ही नहीं फिर किस बात की चर्चा। डॉ. महंत ने पुनः प्रश्न पूछने के लिए प्रश्नकर्ता का जब नाम पुकारा भाजपा विधायकगण फिर शोर शराबा करने लगे। व्यवधान होते देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही फिर से शुरु होने पर विपक्ष की ओर से पुनः स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव की सदन में गैर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह कोई संवैधानिक संकट नहीं है। मैंने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वे अपना पक्ष रखें। जनता कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि वृहस्पत सिंह इस सदन में मौजूद हैं। उनका पक्ष भी सुन लिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धर्मजीत सिंह की बात पर सहमति जताई। कांग्रेस विधायक वृहस्पत सिंह ने कहा कि 24 जुलाई की रात अंबिकापुर में जो घटना हुई उस पर भावावेश में आकर मेरे व्दारा आरोप लगाए गए। मेरी बातों से यदि किसी की भावना आहत हुई या किसी को चोट पहुंची उसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपने वक्तव्य में कहा कि काफिले पर हमले की घटना से सरकार के किसी मंत्री का कोई लेना-देना नहीं है। उस संबंध में मंत्री पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस सदन में हमेशा से उच्च परपराओं का निर्वहन होते रहा है। पूर्व में भी कई बार गतिरोध आए हैं। समाधान भी निकलते रहा है। मैं वृहस्पत सिंह के बयान की प्रशंसा करूंगा, उन्हें धन्यवाद। गृह मंत्री का भी बयान आ चुका है। स्वास्थ्य मंत्री को खबर करवाया हूं। वे यहां आकर अपनी बात रखेंगे। गतिरोध दूर करने सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के वरिष्ठ सदस्यों ने जो प्रयास किया उसके लिए धन्यवाद। यह सदन पौने तीन करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। तीन दिन हो गए। अनुपूरक बजट आना बाकी है। दो-तीन विधेयक भी हैं। आसंदी को विशेष धन्यवाद जिन्होंने व्यवस्था को सुलझाने में विशेष भूमिका अदा की। संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि तीन दिनों तक मामला उलझा रहा। मीडिया में कल यह भी चर्चा होगी कि सदन के नेता एवं नेता प्रतिपक्ष ने सौहार्द्रता का नया मापदंड स्थापित किया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा के प्लेटिनम जुबली होने पर वहां जब कार्यक्रम हुआ था तब तत्कालीन राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की संसदीय परंपरा का विशेष रूप से उल्लेख किया था। गतिरोध की स्थिति में समाधान निकालने दोनों पक्षों की जिम्मेदारी होती है। जनता कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि दो दिन से यहां जो विषम परिस्थिति निर्मित थी उसका सुखद पटाक्षेप हुआ। ठीक से कोशिश हुई होती तो कल भी यह मामला सुलझ सकता था। कुछ देर बाद सदन में टी.एस. सिंहदेव का पहुंचना हुआ। सिंहदेव ने कहा कि आप सब का आभार। यदि मेरे कारण किसी को ठेंस लगी हो तो क्षमा करेंगे।


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