नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/छत्तीसगढ़/शिव कुमार यादव/- कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्णय को ऐतिहासिक बताया है। इसके साथ ही लाखों पैरामिलिट्री चौकीदारों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले की प्रशंसा भी की है।
महासचिव रणबीर सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों व केंद्रीय सरकार से अपील किया कि राज्यों व केंद्र सरकार के कर्मचारीयों व खास कर अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए पुरानी पैंशन बहाली की अतिशिघ्र घोषणा करें। साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स की विधवाओं विरांगनाओं एवं जवानों के पैंशन, पुनर्वास एवं कल्याण हेतू अर्ध सेना झण्डा दिवस कोष व अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन करें। एक्स मैन व शहीद का दर्जा दिया जाए। बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य वास्ते राज्य की राजधानियों में अर्धसैनिक स्कूल व जिला स्तर पर सीजीएचएस डिस्पैंसरियों के विस्तार की वाजिब मांग की गई।
जैसा कि मालुम है कि अभी 14 फरवरी को राजघाट पर देश भर से आए सैकड़ों पुर्व अर्धसैनिकों के परिवारों ने पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देने उपरांत शहीद पार्क तक शांति पुर्ण धरना प्रदर्शन कर माननीय प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन सौंपा गया था। वीएस कदम के अनुसार अर्द्धसैनिकों का भविष्य बिना पैंशन अंधकारमय हो गया है। सुविधाओं को लेकर फोर्सेस में भारी बैचेनी देखने को मिल रही है जिसके चलते अक्सर जवान आत्महत्याएं कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में आपसी शूटआउट के मामलों में वृद्धि हुई है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते जवानों की 3 महिनों से छुट्टियां बंद पड़ी है। माननीय गृह मंत्री जी का 100 दिन छुट्टी वाला फार्मूला फेल हो गया है। जवानों में मानसिक तनाव व चिड़चिड़ापन जैसी गंभीर बिमारियों का शिकार हो रहे हैं और गृहमंत्रालय कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है जिनको अर्द्धसैनिकों की जायज मांगों से दूर तक कोई लेना देना नहीं है वरना अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड व अर्ध सैनिक झंडा दिवस कोष व अर्द्धसैनिक स्कूलों की स्थापना तो कर ही सकते हैं जिसमें किसी बड़े बजट की जरूरत नहीं है।
कॉनफैडरेसन चेयरमैन एडीजी एचआर सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब देश के 20 लाख पैरामिलिट्री परिवार वोट उसी को करेंगे जो दल अर्धसैनिक बलों की पुरानी पैंशन बहाली करें। माननीय गृह मंत्री, रक्षामंत्री, वित्तमंत्री, गृह राज्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव व सभी फोर्सेस डीजी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे गए यहां तक कि महामहिम राष्ट्रपति जी से भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर मुलाकात की गई लेकिन नतीजा सिफर रहा। लगता है सरकार में इच्छा शक्ति की कमी साफ झलकती है।
कॉनफैडरेसन अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा ने बयान जारी करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर नई रणनिती बनाईं जाएगी ओर 2024 के आम चुनावों से पहले अलग अलग राज्यों व दिल्ली में शांति पुर्ण अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। लगता है कि पुरानी पैंशन बहाली मुद्दा सरकारों के गले की फांस बनेगा।


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