नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मटियाला/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- 26 जून को वित मंत्रालय, डीओपीटी व जेसीएम काउंसिल के बीच में कमर्चारियों के डीए, डीआर व अन्य भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर जो मीटिंग होने जा रही है उसमें पुर्व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधियों के शामिल नहीं किया गया।
महासचिव रणबीर सिंह ने इस संबंध में कहा कि एक तरफ तो सरकार केंद्रीय सुरक्षा बलों को सीसीएस रूल्स के तहत काउंट करते हैं तो दूसरी ओर हमें हम जेसीएम काउंसिल की होने वाली बैठकों से दूर रखा जाता है तो सरहदों के चैकीदारों के भलाई संबंधित मुद्दों को कौन रखेगा। मांग की गई कि सालों से चली आ प्रथा को खत्म कर नई जेसीएम काउंसिल की बैठक में सुरक्षा बलों के प्रतिनिधि को शामिल कर बैठक आयोजित की जाए। कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी को लिखे पत्र में कॉनफैडरेसन प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए ताकि सरकार के सामने सुरक्षा बलों के महंगाई भत्ते, शिक्षा- स्वास्थ्य और भलाई संबंधित मुद्दों को विचार के लिए जेसीएम काउंसिल की मीटिंग में रखा जा सके। ज्ञातव्य हो कि कॉनफैडरेसन पिछले सात सालों से शांति पुर्ण धरना प्रदर्शन के जरिए अर्धसेनिक बलों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग करता रहा है। होने वाली बैठक में सुरक्षा बलों की 2004 से बंद पैंशन बहाली मुद्दा कौन उठाएगा जिसको लेकर आने वाले 30 जून को ट्वीटर पर पुरानी पैंशन बहाली अभियान चलाया जाएगा ताकि सरकार के संज्ञान में इस गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया जा सके।


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