29 नवंबर को होने वाला किसानों का ट्रैक्टर मार्च रद्दः

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

29 नवंबर को होने वाला किसानों का ट्रैक्टर मार्च रद्दः

-किसान संगठनों ने सरकार को 4 दिसंबर तक फैसला लेने का दिया समय

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- संयुक्त किसान मोर्चा ने आज सिंघु बॉर्डर पर हुई बैठक में 29 नवंबर को होने वाली संसद तक ट्रैक्टर मार्च को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार को 4 दिसंबर तक का समय दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि 29 नवंबर का संसद मार्च का कार्यक्रम स्थगित है, खत्म नहीं है। हम इस पर 4 दिसंबर को फैसला लेंगे। प्रधानमंत्री जी को हमने चिट्ठी सौंपी है। अगर 4 दिसंबर तक उस चिट्ठी पर सार्थक जवाब नहीं आया तो आगे का रुख तय करेंगे। सरकार को संयुक्त किसान मोर्चे के साथ बातचीत की मेज पर लौटना होगा। सरकार की आज की घोषणा से हम सहमत नहीं हैं। हम आमने-सामने बैठकर बात करें तो ज्यादा अच्छा होगा।
               कृषि कानून वापस होने के बाद भी एमएसपी समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। आज सोनीपत कुंडली बॉर्डर पर होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक खत्म हो चुकी है। इस बैठक में निम्न फैसले लिए गए हैं-
29 नवंबर को होने वाला संसद ट्रैक्टर मार्च टाल दिया गया है, इसे 6 दिसंबर तक टाल दिया गया है।
एमएसपी मुद्दा , शहीद किसानों को मुआवजा, देशभर में किसानों के ऊपर दर्ज केस, लखीमपुर खीरी के दोषी को बर्खास्त किया जाए
पराली जलाने पर दंड और बिजली बिल को भी खत्म किया जाए।
                 किसानों ने कहा कि हम मोर्चा जीत चुके हैं, आज सरकार की तरफ से कुछ बयान आए हैं, जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएंगी हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हम इंतजार कर रहे हैं। 29 का कूच नहीं होगा। एमएसपी मुद्दा , शहीद किसानों को मुआवजा, देशभर में किसानों के ऊपर दर्ज केस, लखीमपुर खीरी के दोषी को बर्खास्त किया जाए। पराली जलाने पर दंड और बिजली बिल को भी खत्म किया जाए। किसानों का कहना है कि, सरकार को हमारे साथ वर्तालाप की टेबल पर आना होगा। सरकार की घोषणा से हम सहमत नहीं हैं, सम्मानपूर्वक फैसला होना चाहिए। पीएम मोदी राज्य सरकारों को निर्देश दें कि मुकदमे वापिस हों।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox