सावधान- आ रही है कोरोना की चौथी लहर! 7 राज्यों में फैला नया वैरिएंट,

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October 2, 2022

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सावधान- आ रही है कोरोना की चौथी लहर! 7 राज्यों में फैला नया वैरिएंट,

-लोगों में फैल रहा बुखार, खांसी व दस्त का प्रकोप, ये हैं सारे लक्षण

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- कोरोना वायरस ने पिछले 2 साल से विश्व में भारी तबाही मचा रखी है। हालांकि कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन भी अब आ चुकी है लेकिन कोरोना का बदलता स्वरूप एक बार फिर जीवन के लिए खतरा बन गया है। हालांकि कोरोना की चौथी लहर को लेकर अभी विशेषज्ञ व वैज्ञानिक आश्वस्त नही है लेकिन फिर भी इसके नए वैरिएंट आने से अगली लहर की संभावना बढ़ जाती है। इसी क्रम में ओमिक्रॉन और डेल्टा के जुड़ने से कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टाक्रॉन सामने आया है, जिसकी पहचान भारत में भी हो चुकी है। हालांकि चीन, हांगकांग व सिंगापुर में चोथी लहर के चलते लॉकडाउन लगा दिया गया है। अब भारत में भी इसके फैलने से चौथी लहर की संभावना जोर पकड़ने लगी है। वैसे भी देश के अधिकतर हिस्सों में कई दिनो तक चढ़ने वाला बुखार, खांसी-जुकाम व पेट की समस्याऐं जोर पकड़ रही है।

दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर के मामले कम हो ही रहे थे कि कोविड-19 के नए मामले फिर से बढ़ने लगे हैं.। जैसे-जैसे कोरोना के प्रतिबंध हट रहे थे, माना जा रहा था कि कोरोना महामारी खत्म हो गई है. लेकिन हाल ही में जानकारी सामने आई है कि कोरोना का एक ओर नया वैरिएंट सामने आया है, जो चौथी लहर का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस रिकॉम्बिनेंट वैरिएंट के बारे में कहा कि ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों के तेजी से फैलने के कारण ये स्थिति आनी ही थी।

कोविड-19 के इस नए वैरिएंट का नाम डेल्टाक्रॉन है, जो ओमीक्रोन और डेल्टा के जुड़ने से तैयार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वैरिएंट की पहचान भारत में हो चुकी है और 7 राज्यों में मिलने वाले मरीजों को निगरानी में रखा गया है। इन राज्यों में कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली शामिल हैं। ऐसे में यह नया वैरिएंट डेल्टाक्रॉन कितना खतरनाक है और इसके लक्षण क्या हैं। इस बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है- डेल्टाक्रॉन रिकॉम्बिनेंट वैरिएंट है, जो कि ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट के जुड़ने से बना है। डेल्टाक्रॉन की पहचान फरवरी 2022 में हुई थी. दरअसल, पेरिस मे. इंस्टिट्यूट पॉस्ट्यूर के वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस का एक नया वैरिएंट देखा था, जो कि पिछले वैरिएंट्स से बिल्कुल अलग था। डेल्टाक्रॉन का सैंपल उत्तरी फ्रांस के एक बुजुर्ग व्यक्ति से आया था। सैंपल की जांच करने पर वैरिएंट काफी अलग लग रहा था। इस वैरिएंट की जांच में पाया गया कि इसके अधिकतर जेनेटिक्स डेल्टा वैरिएंट के समान थे, जो पिछले साल के अंत तक दुनिया भर में डोमेनेंट वैरिएंट था. लेकिन इस वैरिएंट का वह हिस्सा जो वायरस के स्पाइक प्रोटीन को एन्कोड करता है और जिसका उपयोग यह कोशिकाओं के अंदर जाने के लिए करता है, वह ओमिक्रॉन से आया है। इंस्टिट्यूट पॉस्ट्यूर के वैज्ञानिकों ने कहा, यूके और यूएस में रिपोर्ट किए गए डेल्टाक्रॉन वैरिएंट में कुछ अंतर देखने को मिल रहा है. इसलिए इसके भी कई रूप हो सकते हैं। नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, ओमिक्रॉन और डेल्टा के रिकॉम्बिनेशन से बने इस वायरस के लक्षण वैसे ही हैं, जैसे कि पिछली महामारी में थे. लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इसकी निगरानी कर रहे हैं और इसके अन्य लक्षणों के बारे में खोज कर रहे हैं।

डेल्टा को कोरोना का अब तक का सबसे घातक रूप माना जाता है और डेल्टाक्रॉन, डेल्टा और ओमिक्रॉन के जुड़ने से बना है। अगर कोई इससे संक्रमित होता है तो संक्रमित व्यक्ति को कुछ हल्के और कुछ गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं।

सिरदर्द, तेज बुखार, पसीना आना, ठंड लगना, गले में खराश, लगातार खांसी, थकान, एनर्जी में कमी, शरीर दर्द, ओमिक्रॉन के बीए-.2 वैरिएंट के लक्षण हैं। ओमिक्रॉन बीए-2 के अन्य लक्षण बुखार, खांसी, गले में खरास, सिरदर्द, थकान और हार्ट रेट बढ़ना है।

डेल्टाक्रॉन पर की गई स्टडी के मुताबिक, इस वैरिएंट के 2 प्रमुख लक्षण चक्कर आना और थकान हैं, जो कि संक्रमित होने के 2-3 दिन के अंदर महसूस होने लगते हैं। कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि डेल्टाक्रॉन का असर नाक से ज्यादा पेट पर हो रहा है। पेट पर इसके प्रभाव के कारण रोगी को मतली, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, जलन, सूजन और डाइजेसन जैसी समस्याओं हो सकती हैं।

आईएसयू मेडिटरेनी इंफेक्शन (फ्रांस) के एक्सपर्ट फिलिप कोलसन के मुताबिक, क्योंकि इस वैरिएंट के अभी दुनिया में बहुत कम मामलों की पुष्टि हुई है, इसलिए यह बताना कि डेल्टाक्रॉन अधिक संक्रामक होगा या गंभीर बीमारी का कारण होगा या नहीं, इस बारे में कहना मुश्किल है। इसके अलावा पर्याप्त डाटा भी नहीं है, जिसके.आधार पर इस बारे में जानकारी दी जाए।

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