मांगों को लेकर उत्तर भारतीय एक्स पैरामिलिट्री सम्मेलन का आयोजन

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August 14, 2022

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मांगों को लेकर उत्तर भारतीय एक्स पैरामिलिट्री सम्मेलन का आयोजन

-यादव धर्मशाला नारनौल में पुरानी पैंशन बहाली, वन रैंक वन पेंशन, ऑर्गेनाइज्ड सर्विस, सीपीसी कैंटीन पर जीएसटी छूट व अन्य भलाई संबंधित मुद्दों पर हुई चर्चा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नारनौल/भावना शर्मा/- यादव धर्मशाला नारनौल में पुरानी पैंशन बहाली, वन रैंक वन पेंशन, ऑर्गेनाइज्ड सर्विस , सीपीसी कैंटीन पर जीएसटी छूट व अन्य भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर पूर्व एडीजी श्री एच.आर सिंह के नेतृत्व में पहले उत्तर भारतीय एक्स पैरामिलिट्री सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें हरियाणा के अलावा राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली से सैंकड़ो प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर एक्स पैरामिलिट्री महापंचायत में भाग लेते हुए महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि आए दिन सुरक्षा बलों के जवानों में आपसी शूटआउट के मामलों में वृद्धि हुई है और गृह मंत्रालय सोया हुआ है। 5 राज्यों में होने वाले चुनावी मौसम का खुमार सिर चढ़ कर बोल रहा है। चुनावों के चलते फिर से जवानों की छुट्टियां बंद हो जाएगी बहुत सारे जवान अपनी सालाना छूट्टी नहीं काट पाएंगे तो क्या माननीय गृह मंत्री जी द्वारा 100 दिन छुट्टी वाला फार्मूला फेल हो जाएगा। पुरे देश की कानून व्यवस्था बनाए रखने व लम्बी सरहदों की सुरक्षा करने वाले जवानों का बिना पैंशन भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। सुरक्षा बलों के स्थापना दिवस समारोह में माननीय मंत्री जी सलामी लेकर आते और चले जाते हैं, करोड़ों रुपए बहा दिए जाते हैं लेकिन किसी भी डायरेक्टर जनरल ने आज तक मुख्य अतिथि के सामने जवानों की पैंशन बहाली व अन्य कल्याणार्थ मुद्दों को नहीं उठाया। सीपीसी कैंटीन का नाम अवश्य बदल कर केंद्रीय पुलिस कल्याण भण्डार कर दिया गया ओर उपर से माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर वोकल से लोकल कर दी गई लेकिन किसी वर्तमान फोर्सेस डीजी ने उपरोक्त कैंटीन पर जीएसटी छूट का मुद्दा नहीं उठाया।

रणबीर सिंह आगे कहते हैं कि पिछले कई सालों से फोर्सेस में खुदकुशी व शुटआउट के मामलों में वृद्धि हुई लेकिन जांच के नाम पर जवानों की घरेलू समस्या को जिम्मेदार बता कर इन्क्वायरी ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है। हम सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हैं कि आखिर जवानों द्वारा आत्मघाती कदम उठाकर बेशकीमती जाने गंवा रहे हैं। जहां तक पैरामिलिट्री फोर्स के वेलफेयर देने का सवाल है आज तक राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का ही गठन नहीं किया गया ओर ना ही गृहमंत्रालय के आदेश के बावजूद एक्स मैन का दर्जा दिया गया।

सरकार धारा 370, 35ए, 3 तलाक के लिए तुरंत अध्यादेश ला सकती है लेकिन जवानों की पैंशन बहाली के बारे में खामोश है। गृहमंत्रालय द्वारा संसद में रटा रटाया ज़बाब कि उपरोक्त सुरक्षा बल सीसीएस रूल के तहत आते हैं तो फिर क्यों ना इस काले को नेस्तनाबूद कर बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य, पुनर्वास कल्याण, वेतनमान, पदोन्नति, कैडर रिव्यू, सेवारत, सेवानिवृत्त, शहीद परिवारों के भलाई एवं कल्याण हेतु संसद में बिल पास किया जाए। लगता है सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है। केंद्र व राज्यों की सरकारों द्वारा बराबर किए जा रहे सौतेले व्यवहार को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भारी बैचेनी एवं असंतोष है। सरकार को याद दिलाना चाहेंगे वो 1979 का जब कुछ अनुशासित बलों में विद्रोह की ज्वाला फूटी थी। राज्यपालों यहां तक कि महामहिम राष्ट्रपति जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे गए लेकिन वही ढाक के तीन पात। हम सरकार से क्या मांग रहे हैं जवानों की पैंशन बहाली, कैंटीन पर जीएसटी छूट, राज्यों में जिलेवार अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड व सीजीएचएस डिस्पैंसरियों की स्थापना, एक्स मैन व शहीद का दर्जा, निचले स्तर पर कार्यरत कर्मियों के लिए कैडर रिव्यू, ऑर्गेनाइज्ड सर्विस को संवैधानिक दर्जा, केंद्रीय शस्त्र बलों के झंडा दिवस कोष की स्थापना, सुरक्षा बलों में कैडर आफिसर्स को डीजी पद पर बहाली आदि। भला इसमें कौन से बड़े बजट की जरूरत है अब देश के सामने गंभीर सवाल कि ढाई दिन के सांसद को पैंशन ओर जो देश की सरहदों की चाक चौबंद चौकीदारी करे उन अर्धसैनिक बलों की पैंशन बंद। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हम बराबर सीजीएचएस डिस्पैंसरियों के विस्तार की मांग कर रहे हैं ओर सरकार एक नई सीएपीएफ आयुष्मान योजना ले आई। जब उपरोक्त कार्ड को सभी अनिवार्य मेडिकल सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल पैनल में उपलब्धही नहीं तो क्या आयुष्मान कार्ड अर्धसैनिक बलों के साथ बेमानी है।

उपरोक्त भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर देश भर में रिटायर्ड एडिशनल डीजी श्री एचआर सिंह के नेतृत्व जन सभाएं व पंचायतों का दौर जारी है। जब सरकारें नहीं सुन रही तो बापू की शरणं में जाने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा। आने वाले 14 फरवरी 2021 राजघाट दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन का नोटिस माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय को दे दिया गया है। हम पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए देश भर के आम नागरिकों, मिडिया कर्मियों, पैरामिलिट्री चौकीदारों को आमंत्रित करते हैं आइए उस दिन वेलेंटाइन डे ना मना कर जांबाजों को श्रद्धांजलि दे जिन्होंने देश की आन-बान और शान के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों का पंचायती फैसला कि हम आपको आने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में वोट क्यों दे जब आपने हमारे परिवारों की भलाई के लिए कुछ किया ही नहीं। वोट उसी राजनीतिक पार्टियों को जो अपने चुनावी घोषणा पत्र में अर्धसैनिक बलों के कल्याणार्थ मुद्दों को शामिल करें।

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