पीएम नरेंद्र मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास, जुडेंगे यूपी के 12 जिले

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पीएम नरेंद्र मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास, जुडेंगे यूपी के 12 जिले

-कहा- यूपी प्लस योगी, बहुत हैं उपयोगी, पूर्वांचल व बिहार पंहुचना होगा आसान, एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में साबित होगा मददगार

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/शाहजहांपुर/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया.। पीएम मोदी ने शिलान्यास के बाद कहा कि कल ही पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान, ठाकुर रौशन सिंह का बलिदान दिवस है। अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने वाले शाहजहांपुर के इन तीनों सपूतों को 19 दिसंबर को फांसी दी गई थी। भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले ऐसे वीरों का हम पर बहुत बड़ा कर्ज है। गंगा एक्सप्रेस-वे से न केवल पूर्वाचंल व बिहार जाना आसान होगा बल्कि कई उत्पादन इकाइयों, विकास केन्द्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में मददगार साबित होगा।


                  पीएम मोदी ने कहा कि मां गंगा सारे मंगलों की, सारी उन्नति प्रगति की स्रोत हैं. मां गंगा सारे सुख देती हैं, और सारी पीड़ा हर लेती हैं. ऐसे ही गंगा एक्सप्रेसवे भी यूपी की प्रगति के नए द्वार खोलेगा। गंगा एक्सप्रेस वे आधे से ज्यादा पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं और शाहजहांपुर जिले से गुजरेगा. फिलहाल हापुड़ और बुलंदशहर सहित अन्य जिलों के लोगों के आवागमन के लिए गढ़मुक्तेश्वर में एक अन्य पुल बनाया जाएगा.। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये जो आज यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है, जो नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं, नए रेलवे रूट बन रहे हैं, वो यूपी के लोगों के लिए अनेक वरदान एक साथ लेकर आ रहे हैं।
पहला वरदान- लोगों के समय की बचत.
दूसरा वरदान- लोगों की सहूलियत में बढोतरी, सुविधा में बढोतरी.
तीसरा वरदान- यूपी के संसाधनों का सही उपयोग.
चौथा वरदान- यूपी के सामर्थ्य में वृद्धि.
पांचवा वरदान- यूपी में चौतरफा समृद्धिः
                 पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में आज जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है वो ये दिखाता है कि संसाधनों का सही उपयोग कैसे किया जाता है। पहले जनता के पैसे का क्या-क्या इस्तेमाल हुआ है ये आप लोगों ने भली-भांति देखा है. लेकिन आज उत्तर प्रदेश के पैसे को उत्तर प्रदेश के विकास में लगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा यूपी एक साथ बढ़ता है तो देश आगे बढ़ता है. इसलिए डबल इंजन की सरकार का फोकस यूपी के विकास पर है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ हम यूपी के विकास के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं।
                प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप याद करिए पांच साल पहले का हाल था। राज्य के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो दूसरे शहरों और गांव-देहात में बिजली ढूंढे नहीं मिलती थी। डबल इंजन की सरकार ने ना सिर्फ यूपी में करीब 80 लाख मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए, बल्कि हर जिले को पहले से कई गुना ज्यादा बिजली दी जा रही है।
                पीएम मोदी ने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में यहां सरकार बनने से पहले, पश्चिम यूपी में कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी। इससे आप भलीभांति परिचित हैं। पहले यहां क्या कहते थे? दिया बरे तो घर लौट आओ! क्योंकि सूरज डूबता था, तो कट्टा लहराने वाले सड़कों पर आ धमकते थे। आज पूरे यूपी की जनता कह रही है- यूपी प्लस योगी, बहुत हैं उपयोगी।
              पीएम मोदी ने कहा कि जो भी समाज में पीछे है, पिछड़ा हुआ है। उसे सशक्त करना, विकास का लाभ उस तक पहुंचाना, हमारी सरकार की प्राथमिकता है। यही भावना हमारी कृषि नीति में, किसानों से जुड़ी नीति में भी दिखती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां कुछ राजनीतिक दल ऐसे रहे हैं जिन्हें देश की विरासत से भी दिक्कत है और देश के विकास से भी. देश की विरासत से दिक्कत क्योंकि इन्हें अपने वोटबैंक की चिंता ज्यादा सताती है। देश के विकास से दिक्कत क्योंकि गरीब की, सामान्य मानवी की इन पर निर्भरता दिनों-दिन कम हो रही है।
                 प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों को गंगा जी के सफाई अभियान से दिक्कत है। यही लोग हैं जो आतंक के आकाओं के खिलाफ सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। यही लोग हैं जो भारतीय वैज्ञानिकों की बनाई मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। इन लोगों को काशी में बाबा विश्वनाथ का भव्य धाम बनने से दिक्कत है. इन लोगों को अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने से दिक्कत है।
                 गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे है. ये एक्सप्रेस-वे 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा. इससे राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी। वहीं, इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर होगी और यह गंगा एक्सप्रेस वे देश के सबसे ऊपजाऊ क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
                इसका लाभ एनसीआर हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई अन्य राज्यों के लोगों को भी मिलने वाला है। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा, इसलिए इन इलाकों के किसानों, उद्यमियों और आम लोगों को काफी फायदा होगा। गंगा एक्सप्रेस वे आधे से ज्यादा पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं और शाहजहांपुर जिले से गुजरेगा. फिलहाल हापुड़ और बुलंदशहर सहित अन्य जिलों के लोगों के आवागमन के लिए गढ़मुक्तेश्वर में एक अन्य पुल बनाया जाएगा। वहीं, शाहजहांपुर के आगे यह एक्सप्रेसवे हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज तक जाएगा. एक्सप्रेसवे के लिए अब 94 प्रतिशत जमीन खरीदी प्रक्रिया की जा चुकी है।
                   गंगा एक्सप्रेस वे पर आपातकाल में वायु सेना के विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर जिले में 3.5 किमी की एक हवाई पट्टी भी बनेगी। इस एक्सप्रेसवे साथ औद्योगिक कॉरीडोर भी बनेगा. गंगा एक्सप्रेस वे के लिए जब भूमि खरीदी जा रही थी। उस समय पूरे देश में कोरोना की लहर पीक पर चल रहा था। इसके बावजूद महज 1 साल में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए 83 हजार किसानों से 94 फीसदी भूमि खरीदी गई है। वहीं, एक्सप्रेस वे बनने से एनसीआर तक भी लोगों की पहुंच आसान हो जाएगी और इलाके के भीतरी स्टेशनों और बस डिपों से कनेक्टिविटी सुधरेगी. माना जा रहा है कि 2025 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।
                  प्रवेश नियंत्रित गंगा एक्सप्रेस-वे, मेरठ-बुलन्दशहर मार्ग (एनएच संख्या-334) पर मेरठ जिले के बिजौली गांव के पास से शुरू होगा एवं प्रयागराज बाइपास (एनएच संख्या-19) पर प्रयागराज जिले के जुडापुर दांदू गांव के पास खत्म होगा। यह एक्सप्रेस-वे 06 लेन चौड़ा होगा. इसका भविष्य में 08 लेन तक विस्तार किया जा सकेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माण से नजदीक के इलाकों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योग सम्बन्धी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेस-वे कई उत्पादन इकाइयों, विकास केन्द्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में मददगार साबित होगा।

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