नवजोत सिंह सिद्धू फिर हुए मुखर, केजरीवाल व बादल पर साधा निशाना

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2024
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
July 16, 2024

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नवजोत सिंह सिद्धू फिर हुए मुखर, केजरीवाल व बादल पर साधा निशाना

-सिधु ने साधा केजरीवाल पर निशाना, कहा- प्रदेश को दिल्ली नही, पंजाब मॉडल की जरूरत -सिधु ने प्रदेश में बिजली संकट के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को बताया जिम्मेदार, अपनी सरकार पर भी दिखाये कड़े तेवर
NMNews Siddhu

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पंजाब/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-पटियाला में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में बिजली संकट को लेकर एक बार फिर पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिधु मुखर हो गये। इस बार उन्होने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लालच में केजरीवाल कुछ भी बोल रहे है लेकिन प्रदेश को दिल्ली की नही बल्कि पंजाब मॉडल की जरूरत है। उन्होने कहा कि उन्होने स्वयं अपनी सरकार से 300 यूनिट बिजली माफ करने की पहले ही मांग की हुई हैं।
                    पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को एक बार फिर से बादलों और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि  प्रदेश को दिल्ली मॉडल की नहीं, बल्कि पंजाब मॉडल की जरूरत है। पंजाब को पूर्ववर्ती बादल सरकार की अदूरदर्शी नीतियों ने इस संकट में डाला हुआ है। लोकपक्षीय एजेंडे से वंचित नेता राजनीति सिर्फ बिजनेस के लिए करते हैं। इसलिए विकास बगैर राजनीति उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है और ऐसा ही कृत्य बादलों ने किया है और वही केजरीवाल करने जा रहे है। उन्हाने दोबारा जोर देकर कहा कि पंजाब के विकास के लिए पंजाब मॉडल की जरूरत है। वह बादलों पर दूरदर्शी न होने का आरोप नहीं लगा रहे, क्योंकि वह जानते हैं कि दूरदृष्टि तो उनके पास है ही नहीं। बादलों ने गलत बिजली खरीद समझौते करके पंजाब को थर्मल बिजली प्लांटों से उत्पादित बिजली के साथ बांध कर रख दिया, जिसके लिए हम दशकों तक बड़ी कीमत चुकाते रहेंगे।
                         सिद्धू ने लिखा कि दिल्ली मॉडल नहीं, दिल्ली अपनी बिजली खुद पैदा नहीं करती और इसका वितरण रिलायंस व टाटा के हाथों में है। जबकि पंजाब अपनी 25 प्रतिशत बिजली खुद पैदा करता है और बिजली पूर्ति पावरकॉम के जरिये करके हजारों लोगों को रोजगार भी देता है।
सिद्धू ने लिखा कि अब जरूरी सवाल है कि क्या पंजाब का बिजली मंत्री इस संबंध में कुछ कर सकता है। एक प्रतिशत भी नहीं। क्योंकि फैसला लेने के सारे अधिकार पंजाब राज्य बिजली रेगुलेटरी कमीशन के पास हैं, जो मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर रिपोर्ट करता है। तो प्रदेश में बिजली संकट दूर होने में अभी भी समया लग रहा है जबकि उन्होने पहले ही प्रदेश में 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की मांग कर चुके है।
               

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox