अब डेल्टाक्रॉन की दस्तक, डेल्टा व ओमिक्रॉन का मिलाझुला रूप है डेल्टाक्रॉन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2022
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
August 19, 2022

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अब डेल्टाक्रॉन की दस्तक, डेल्टा व ओमिक्रॉन का मिलाझुला रूप है डेल्टाक्रॉन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/साइप्रस/भावना शर्मा/- दुनिया में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की सुनामी थमने का नाम नही ले रही है। इसी बीच कोरोना का एक नया वेरिएंट ने भी दस्तक दे दी है। साइप्रस के वैज्ञानिकों का दावा है कि उनके देश में डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से मिलकर बना कोरोना वायरस का एक नया स्ट्रेन पाया गया है। ओमिक्रॉन की वजह से जनवरी के पहले हफ्ते में दुनिया में कोरोना के रिकॉर्ड केस दर्ज किए गए हैं। ऐसे में एक और नए स्ट्रेन ने कोरोना को लेकर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

कोरोना के नए स्ट्रेन डेल्टाक्रॉन की खोज यूनिवर्सिटी ऑफ साइप्रस के लैबोरेटरी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी के हेड और बायोलॉजिकल साइंसेज के प्रोफेसर लियोनडिओस कोस्त्रिकिस के नेतृत्व वाली टीम ने की है। नए स्ट्रेन डेल्ट्राक्रॉन को लेकर प्रोफेसर कोस्त्रिकिस ने कहा, ’’यह ओमिक्रॉन और डेल्टा का को-इन्फेक्शन है और हमने जो स्ट्रेन पाया है उसमें इन दोनों का कॉम्बिनेशन है। इस खोज को डेल्टाक्रॉन नाम दिया गया है, क्योंकि डेल्टा जीनोम के अंदर ओमिक्रॉन जैसे जेनेटिक लक्षण मिले हैं।’’रिसर्चर्स के मुताबिक, साइप्रस में अब तक 25 लोगों में कोरोना का नया स्ट्रेन डेल्टाक्रॉन पाया गया है।

प्रोफेसर कोस्त्रिकिस के मुताबिक, साइप्रस में जिन 25 लोगों में नया स्ट्रेन पाया गया है, उनमें से 11 लोग कोरोना पॉजिटिव होने के बाद हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। वहीं बाकी के 14 लोग ऐसे थो जो कोविड पॉजिटिव थे, लेकिन हॉस्पिटल में भर्ती नहीं थे। यानी, इस नए कोरोना स्ट्रेन से इन्फेक्शन का खतरा हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले लोगों को ज्यादा है।

कोरोना का नया स्ट्रेन डेल्टाक्रॉन ऐसे समय में पाया गया है जब ओमिक्रॉन की वजह से दुनिया भर में कोरोना केसेज बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में एक नया कोरोना स्ट्रेन निश्चित तौर पर एक नई आफत जैसा है। हालांकि, इस नए स्ट्रेन को लेकर स्टडी अभी शुरुआती दौर में हैं। साइप्रस ने 7 जनवरी को ही जिन 25 सैंपल में डेल्टाक्रॉन पाए गए थे, उन्हें जांच के लिए जीसेड के पास भेजा है। जीसेड इंफ्लूएंजा और कोरोना वायरस में परिवर्तन को ट्रैक करने वाला इंटरनेशनल डेटाबेस है। साइप्रस के प्रोफेसर कोस्त्रिकिस ने डेल्टाक्रॉन से खतरे को लेकर कहा है कि हमें भविष्य में पता चलेगा कि क्या ये स्ट्रेन अधिक बीमारी पैदा करने वाला है, ज्यादा संक्रामक है, या क्या ये डेल्टा और ओमिक्रॉन से ज्यादा प्रभावी होगा?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन कोरोना वायरस के हर नए वैरिएंट्स पर नजर रखता है और उसकी गंभीरता के हिसाब से उसकी श्रेणी निर्धारित करता है। जैसे डेल्टा और ओमिक्रॉन को डब्ल्यूएचओ ने ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ घोषित किया है, यानी ये दोनों वैरिएंट चिंताजनक श्रेणी मे हैं। साइप्रस में पाए गए डेल्टाक्रॉन पर डब्ल्यूएचओ ने अब तक कुछ नहीं कहा है। यानी, साइप्रस के रिसर्चर्स जिसे डेल्टाक्रॉन स्ट्रेन कह रहे हैं, उसे लेकर अभी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का कोई आधिकारिक बयान आना बाकी है।

वहीं कुछ विशेषज्ञों ने साइप्रस के वैज्ञानिकों के डेल्टाक्रॉन वैरिएंट की खोज के दावे पर सवाल उठाए हैं। जिसपर लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज के वायरोलॉजिस्ट टॉम पीकॉक ने कहा है कि डेल्टाक्रॉन “लैब में हुई तकनीकी गलती“ है, न कि एक नया स्ट्रेन। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन अब तक इतनी बड़ी आबादी में नहीं फैल पाया है कि सच में किसी और वैरिएंट से मिलकर नए वैरिएंट का निर्माण कर सके। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन को फैले कुछ ही हफ्ते हुए हैं ऐसे में इस बात की संभावना कम है कि वह किसी और वैरिएंट के कॉम्बिनेशन से मिलकर नया वैरिएंट बना सके।

वहीं डेल्टाक्रॉन की खोज करने वाली टीम के प्रमुख साइप्रस के प्रोफेसर लियोनडिओस कोस्त्रिकिस ने डेल्टाक्रॉन को ‘लैब एरर’ बताने के दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि डेल्टाक्रॉन के सैंपल्स की एक से अधिक देशों में जीनोम सीक्वेसिंग की गई है और ग्लोबल डेटाबेस में इजराइल से जमा किए गए कम से कम एक सीक्वेंस में डेल्टाक्रॉन के जेनेटिक गुण नजर आए थे।

29 दिसंबर 2021 को फ्रांस में एक नए स्ट्रेन आईएचयू पाए जाने की बात कही गई। फ्रेंच रिसर्चर्स के मुताबिक नवंबर 2021 में आईएचयू का पहला केस पाया गया था। फ्रांस में इस स्ट्रेन के कुल 12 केस पाए जा चुके हैं। आईएचयू कोरोना वैरिएंट बी 1.640 का सब-लीनेज है, जिसे सब-लीनेज बी.1.640.2 के रूप में क्लासिफाई किया गया है। आईएचयू में हालांकि 46 म्यूटेशन होने का दावा किया गया है, लेकिन फ्रांस के अलावा दुनिया में इसका केस कहीं और नहीं मिला है। 25 दिसंबर 2021 के बाद से आईएचयू का कोई नया केस सामने नहीं आया है। आईएचयू को डब्ल्यूएचओ ने वैरिएंट की किसी कैटेगरी में नहीं डाला है, हालांकि उसने कहा है कि ये उसके रडार पर है और उस पर नजर बनाए हुए है।

वहीं डेल्टाक्रॉन’ एक वास्तविक वेरिएंट है या नहीं, इस पर अभी भी बहुत बहस चल रही है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में वायरोलॉजिस्ट टॉम पीकॉक के हवाले से कहा गया है कि जब नए वेरिएंट सीक्वेंसिंग लैब के माध्यम से आते हैं, तो संदूषण उतना असामान्य नहीं है, बस आमतौर पर ये काफी स्पष्ट रूप से दूषित अनुक्रम होते हैं। यहां इस बात का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ’डेल्टाक्रॉन’ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वेरिएंट को दिया गया आधिकारिक नाम नहीं है और यह आधिकारिक तौर पर स्वीकृत वेरिएंट भी नहीं है।

Subscribe to get news in your inbox