अध्यापक परिषद ने देश के 1.75 लाख स्कूलों में मनाया अमृत महोत्सव

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August 16, 2022

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अध्यापक परिषद ने देश के 1.75 लाख स्कूलों में मनाया अमृत महोत्सव

-नजफगढ़ के मलिकपुर गांव के स्कूल में शहीदों के परिजनों का अध्यापक परिषद ने किया सम्मान

नई दिल्ली/- सोमवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में देश के 1 लाख 75 हजार विद्यालयों में स्वत्रंत्रता का अमृत महोत्सव मनाया गया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध दिल्ली अध्यापक परिषद ने भी दिल्ली के 1326 विद्यालयों में स्वत्रंत्रता का अमृत महोत्सव मनाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। देश भर में एक ही दिन में इतने विद्यालयों में अमृत महोत्सव मनाया जाना अपने आप में एक विशिष्ट उपलब्धि है।

परिषद के आयोजन समिति संयोजक अजय कुमार सिंह का कहना है कि विद्यालयों में अति उत्साह का माहौल रहा। स्कूलों में प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और बड़े उत्साह के साथ अमृत महोत्सव को उत्सव की तरह मनाया। छात्र और छात्राओं के समूह ने कई प्रकार देश प्रेम और देशभक्ति से संबंधित कार्यक्रम प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर स्वत्रंत्रता सेनानी या उनके परिवार के सदस्यों तथा शहीद के परिवारों को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में नजफगढ़ के मलिकपुर गांव में भी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष व अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर के नेतृत्व में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया।

परिषद के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश का कहना है कि विद्यालय पहुंचने से पहले एक समूह के रूप में ढोल नगाड़े और नारों के साथ समाज के लोग भी सम्मिलित होकर विद्यालय पहुंचे जहां स्वागत के लिए शिक्षक, प्रधानाचार्य व एसएमसी सदस्य पहले से मौजूद थे। कार्यक्रम एक भव्य समारोह में बदल गया। वहां कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में देश प्रेम और देश भक्ति का भाव जागृत किया गया। यह स्थिति लगभग सभी विद्यालयों में रहीं।

इस अवसर पर सर्वोदय सह शिक्षा विद्यालय मलिकपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर का सान्निध्य मिला जो अध्यापक परिषद के लिए गौरवशाली क्षण रहा। महेंद्र कपूर ने शहीद के परिवारों को शाल और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया तथा अपने उद्बोधन में कहा कि देश के शहीदों ने देशवासियों के लिए अपना सर्वस्व बलिदान किया जिससे आज की पीढ़ी अनभिज्ञ है आज उनके बलिदान को याद करने और उन्हें नमन करने का दिन है। उनके त्याग और बलिदान को सम्मानित करके ही देश का गौरव गान संभव है।

उन्होंने छात्रों को देश हित में काम करने की प्रेरणा देते हुए कई उदाहरणों के माध्यम से राष्ट्र प्रेम की भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत भूमि का एक मात्र नहीं है बल्कि यह जननी है और इसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। अध्यक्ष वेद प्रकाश ने आह्वान किया कि आजादी तो हमें मिल गई, हम स्वाधीन अर्थात् अपनी शासन व्यवस्था कायम भी की लेकिन स्वतंत्रता नहीं प्राप्त कर सके, क्योंकि अपना तंत्र अभी तक हम विकसित नहीं कर पाए हैं। जब स्व तंत्र विकसित कर लेंगे तभी सच्ची आजादी का सुख प्राप्त कर पाएंगे, इसीलिए हमें स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर अग्रसर होने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर समाजसेवी अनिल डागर, कर्नल रविन्द्र टोकस, प्राचार्य सुनील देशवाल, शहीद पृथ्वी सिंह डागर के परिजन मास्टर बलबीर सिंह व सुखबीर डागर के साथ-साथ अनेकों ग्रामीण भी उपस्थित रहे। अमृत महोत्सव में मास्टर बलबीर सिंह व सुखबीर डागर को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया।

परिषद के संरक्षक जयभगवान गोयल ने वरिष्ठ माध्यमिक बाल विद्यालय शालीमार बाग में 10 शहीद परिवारों को सम्मानित किया और अपने संबोधन में कहा कि भारत सोने की चिड़िया थी, वाणिज्य व्यापार में हमारा देश अग्रणी था लेकिन हजार वर्ष की गुलामी के कारण गरीबी और बेरोजगारी का देश बन कर रह गया। अंग्रजों से गुलामी के जंजीर को काट फेकने के 75 वर्ष बाद भी हम बेकारी, अशिक्षा और स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहे हैं और विदेशी ताकतें हमें कमजोर करने की फिराक में लगी रहती है। इससे उबरने का एकमात्र रास्ता है शिक्षा का विकास और राष्ट्र प्रेम की भावना। आज बच्चों को आजादी के दीवानों के बारे में जानकारी देना और अपने भारत के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताने की आवश्यकता है।

संयोजक अजय कुमार सिंह ने सर्वोदय विद्यालय बुराड़ी में बोलते हुए राष्ट्र प्रेम की मिशाल जापान से दिया। उन्होंने कहा की जब स्वामी रामतीर्थ जी जापान यात्रा पर थे तो उन्होंने एक पार्क में बैठे छात्र से पूछा की तुम किस धर्म के मानने वाले हो, बच्चे ने कहा बौद्ध धर्म। स्वामी जी ने पूछा महात्मा बुद्ध किस देश के थे तो जवाब मिला भारत के। स्वामी जी ने कहा अगर महात्मा बुद्ध अपनी सेना लेकर जापान पर चढ़ाई कर दे तो तुम क्या करोगे, बच्चे ने जवाब दिया में उनसे युद्ध करूंगा। राष्ट्र प्रेम की यही भावना जागृत करने का उद्देश्य लेकर दिल्ली अध्यापक परिषद प्रत्येक विद्यालय में जाकर अलख जगाने का प्रयास कर रहा है। बुराड़ी स्कूल में स्वत्रंत्रता सेनानी स्वर्गीय राधेश्याम त्यागी के भतीजे ओमदत्त त्यागी का सम्मान शाल और पुष्प गुच्छ से प्रधानाचार्य अजयपाल सिंह ने किया। परिषद के महामंत्री राजेश पालीवाल ने सहायता प्राप्त विद्यालय सुल्तानपुर में बोलते हुए कहा कि देश तेजी से बदल रहा है और पुनः इसे विश्व गुरु के शिखर पर ले जाने की जिम्मेवारी छात्रों के कंधों पर है। यह कार्यक्रम चारों निकायों यथा राजकीय निकाय, सहायता प्राप्त निकाय, नगर पालिका निकाय और निगम निकाय में संपन्न हुआ। राजकीय निकाय अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मावी व मंत्री नंदकिशोर शर्मा के अथक प्रयास से आयोजन में चार चांद लग गए। इसी प्रकार सहायता प्राप्त निकाय के अध्यक्ष शरत शर्मा व मंत्री मनुज आई सक्सेना, नगरपालिका निकाय के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह व मंत्री संजीव के साथ निगम निकाय अध्यक्ष दीपक गोस्वामी व राजेश राजपूत द्वारा सराहनीय योगदान के कारण कार्यक्रम की सफलता निश्चित हो पाई।

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